अगर श्वेत कुष्ठ अधिक दिनों का पुराना हो तो यह प्रयोग आजमाये . . . . . .

  श्वेत कुष्ठ या सफेद दाग त्वचा से संबंधित रोग है। कुछ लोग इसे कुष्ठ रोग भी मानते है। जबकि यह अवधारण गलत है। दुनियाभर में सफेद दाग से करीब Continue Reading →

इंद्र जौ के फ़ायदे जान दंग रह जाएँगे आप ……

इन्द्रजौ का पौधा एक जंगली पौधा होता है। इसका पौधा 5-10 फुट ऊंचा होता है। इसके पत्ते बादाम के पत्तों की तरह लंबे होते हैं। महाराष्ट्र के कोंकण में इन पत्तों का Continue Reading →

जैसे जैसे सपने विदा होंगे, तुम सत्य में प्रवेश करने में ज्यादा समर्थ हो सकोगे ……….

_सपने परिपूरक हैं….._ ….. और मनसविद कहते हैं कि मनुष्य जैसा है, सपनों के बिना उसका जीना कठिन होगा। और वे एक अर्थ में सही हैं। जैसा मनुष्य है, सपनों Continue Reading →

तुम जितने आनंदित होते जाओगे अनायास तुम दूसरों को भी आनंद देने में सफल होने लगोगे, समर्थ होने लगोगे ……

“___ जितना हो सके लोगो को सुख दो ___” एक गांव में ठहरा हुआ था। उस रात उस गांव में एक बड़ी अनूठी घटना घट गयी, फिर मैं उसे भूल Continue Reading →

वो सबसे धनवान है जो कम से कम में संतुष्ट है , क्योंकि संतुष्टि प्रकृति कि दौलत है – सुकरात

सुकरात के सूत्र एक ईमानदार आदमी हमेशा एक बच्चा होता है। जहाँ तक मेरा सवाल है , मैं बस इतना जानता हूँ कि मैं कुछ नहीं जानता। हर व्यक्ति की Continue Reading →

जौ का पानी पीने से आपकी पेट की चर्बी कम होने लगती है …..

जौ एक किस्म का अनाज होता है जो देखने में गेंहू की तरह लगता है। जौ गेहूं की अपेक्षा हल्का होता है। जौ में लैक्टिक एसिड, सैलिसिलिक एसिड, फॉस्फोरिक एसिड, Continue Reading →

बोसवेलिया सेराटा पेड़ की छाल से ऑस्टियोआर्थराइटिस और रुमेटी गठिया के लक्षणों को दूर करने में मदद मिलती है।

अर्थराइटिस यानी गठिया और जोड़ों का दर्द ऐसी बीमारी है,जिसके होने की कोई निश्चित वजह बता पाना बहुत ही मुश्किल है। जब हड्डियों के जोडो़ में यूरिक एसिड जमा हो Continue Reading →

बबूल जिसका प्रत्येक अंग दवा है ……..

आज हम आपको एक ऐसे चमत्कारी पौधे के उस महत्त्वपूर्ण भाग के बारे में बताएँगे जिसके बारे में आपने सायद ही कही पढ़ा या सुना होगा। उस पौधे का नाम Continue Reading →

स्वर्ग क्या है और नर्क क्या ?

झेन फकीर के पास एक सम्राट मिलने गया था। सम्राट, सम्राट की अकड़! झुका भी तो झुका नहीं। औपचारिक था झुकना। फकीर से कहा: मिलने आया हूं, सिर्फ एक ही Continue Reading →

जब तक स्वयं का साक्षात न हो, विषाद होगा ही

मेरे जीवन में इतना विषाद क्यों है? अनिल भारती, किसके जीवन में विषाद नहीं है? जब तक स्वयं का साक्षात न हो, विषाद होगा ही। जब तक परमात्मा न मिले, Continue Reading →