वो सबसे धनवान है जो कम से कम में संतुष्ट है , क्योंकि संतुष्टि प्रकृति कि दौलत है – सुकरात




सुकरात के सूत्र

एक ईमानदार आदमी हमेशा एक बच्चा होता है।

जहाँ तक मेरा सवाल है , मैं बस इतना जानता हूँ कि मैं कुछ नहीं जानता।

हर व्यक्ति की आत्मा अमर होती है , लेकिन जो व्यक्ति नेक होते हैं उनकी आत्मा अमर और दिव्य होती है।

शादी या ब्रह्मचर्य , आदमी चाहे जो भी रास्ता चुन ले , उसे बाद में पछताना ही पड़ता है ।

मित्रता करने में धीमे रहिये , पर जब कर लीजिये तो उसे मजबूती से निभाइए और उसपर स्थिर रहिये ।

चाहे जो हो जाये शादी कीजिये . अगर अच्छी पत्नी मिली तो आपकी ज़िन्दगी खुशहाल रहेगी ; अगर बुरी पत्नी मिलेगी तो आप दार्शनिक बन जायेंगे ।

सौंदर्य एक अल्पकालिक अत्याचार है।

जहाँ सम्मान है वहां डर है ,पर ऐसी हर जगह सम्मान नहीं है जहाँ डर है, क्योंकि संभवतः डर सम्मान से ज्यादा व्यापक है।

इस दुनिया में सम्मान से जीने का सबसे महान तरीका है कि हम वो बनें जो हम होने का दिखावा करते हैं।

हमारी प्रार्थना बस सामान्य रूप से आशीर्वाद के लिए होनी चाहिए, क्योंकि भगवान जानते हैं कि हमारे लिए क्या अच्छा है।

ज़िन्दगी नहीं , बल्कि एक अच्छी ज़िन्दगी को महत्ता देनी चाहिए।

अधिकतर आपकी गहन इच्छाओं से ही घोर नफरत पैदा होती है ।

अपना समय औरों के लेखों से खुद को सुधारने में लगाइए , ताकि आप उन चीजों को आसानी से जान पाएं जिसके लिए औरों ने कठिन मेहनत की है ।

झूठे शब्द सिर्फ खुद में बुरे नहीं होते , बल्कि वो आपकी आत्मा को भी बुराई से संक्रमित कर देते हैं।

वो सबसे धनवान है जो कम से कम में संतुष्ट है , क्योंकि संतुष्टि प्रकृति कि दौलत है ।

सिर्फ जीना मायने नहीं रखता , सच्चाई से जीना मायने रखता है।

सिर्फ जीना मायने नहीं रखता , सच्चाई से जीना मायने रखता है.
मैं सभी जीवित लोगों में सबसे बुद्धिमान हूँ , क्योंकि मैं ये जानता हूँ कि मैं कुछ नहीं जानता हूँ ।

मूल्यहीन व्यक्ति केवल खाने और पीने के लिए जीते हैं; मूल्यवान व्यक्ति केवल जीने के लिए खाते और पीते हैं।

सुकरात




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