निद्रा की आवश्यकता …..

    मनुष्य-जाति की सभ्यता के विकास में सबसे ज्यादा जिस चीज को हानि पहुंची है वह निद्रा है। जिस दिन से आदमी ने प्रकाश की ईजाद की उसी दिन Continue Reading →

आयुर्वेदिक पाचक मुखवास खुद बनायें

आयुर्वेदिक पाचक मुखवास – बनाने के लिए सामग्री – सौंफ – 100 ग्रा. अजवाइन – 100ग्रा. ज्येष्ठी मध या मुलेठी पावडर – १०० ग्रा. धनिया दाल – १०० ग्रा. छोटी Continue Reading →

बच्चों को रोने से न रोकें….सब तरह का रोना थेराप्यूटिक है। — ओशो Weeping has therapeutic effect …

    बच्चों को रोने से न रोकें…. मनोवैज्ञानिक कहते हैं कि बच्चे के रोने की जो कला है, वह उसके तनाव से मुक्त होने की व्यवस्था है और बच्चे Continue Reading →

Life skatch of Gurdjieff

8 From GURDJIEFF 🌺🌻🌸🌼🌷🌹 Life skatch of Gurdjieff….🦋🦋🍁🦋🦋🍁🦋🦋 कोई संदेह नहीं है . यह आदमी बहुत अद्भुत था. गुरजिएफ 1870 में पैदा हुए थे और 1949 में इनका निधन हो Continue Reading →

वह जिसको हम प्रसव की पीड़ा कहते हैं, वह स्वाभाविक है, वह आवश्यक है, वह होनी ही चाहिए। उसको रोकना खतरनाक है।

अष्‍टावक्र: महागीता अभी दो—चार साल पहले इंग्लैंड में एक बहुत बड़ा मुकदमा चला। एक फार्मेसी ने, एक दवाइयों को बनाने वाले कारखाने ने एक दवा ईजाद की—शामक दवा, जो प्रसव Continue Reading →

हम सब इतने कठोर हैं कि प्रेम की तरलता हमें पागलपन ही मालूम हो सकती है ……..

  मैंने सुना है, एक कवि था, *रिल्के❤*। जिन लोगों ने रिल्के को *कपड़े भी पहनते* देखा है वे कहते थे कि हम हैरान हो जाते थे। जिन लोगों ने Continue Reading →

फकीर ने कहा कि तुम इसकी फिक्र छोड़ो कम से कम तुम लाभ ले लो।

अभी मैं एक झेन फकीर का जीवन पढ़ता था। एक युवक आया है उस फकीर के पास और उस युवक ने कहा कि मैंने सुना है, बुद्ध ने कहा है Continue Reading →

बांटने योग्य तो बात एक ही है: परमात्मा।

ऐसी उपनिषद में प्यारी कथा है। याज्ञवल्क्य छोड़ कर जा रहा है। जीवन के अंतिम दिन आ गए हैं और अब वह चाहता है कि दूर खो जाए किन्हीं पर्वतों Continue Reading →

यदि बच्चा मिट्टी खाना किसी भी प्रकार से न छोड़ रहा हो तो भांगरा के पत्तों के रस १ चम्मच सुबह शाम पिला देने से मिट्टी खाना तुरंत छोड़ देता है

भृंगराज (भांगरा) घने मुलायम काले केशों के लिए प्रसिद्ध भृंगराज के स्वयंजात शाक १८०० मीटर की ऊंचाई तक आर्द्रभूमि में जलाशयों के समीप बारह मास उगते हैं |सुश्रुत एवं चरक Continue Reading →