जीवन मे छोडने की बाते ही व्यर्थ है! क्या पकडना है उस पर बात होनी चाहिऐ !

भारत मे social media पर अधिकतर ये ही मैसेज ज्यादा बनते है ! x वस्तुऐ खानी और y नही खानी चाहिऐ ! ये केवल शाम को ही लेनी चाहिऐ!ये सुबह Continue Reading →

सीज़नल अफ़ेक्टिव डिसऑर्डर (एसएडी) ‘सेप्टेंबर ब्लूज़’ यानी उदासी भरा मौसम……

सितंबर में उदासी या डिप्रेशन बढ़ क्यों जाता है ? इन दिनों अगर आप कुछ परेशानी महसूस कर रहे हैं और सबकुछ ठीक होते हुए भी लगता है कहीं न Continue Reading →

इतने विराट का आयोजन  जिस स्रोत से चल रहा है,  एक तुम्हारी छोटी सी जिंदगी उसके सहारे न चल सकेगी ?

तुम माँ के पेट में थे नौ महीने तक, कोई दुकान तो चलाते नहीं थे, फिर भी जिए। हाथ—पैर भी न थे कि भोजन कर लो, फिर भी जिए। श्वास Continue Reading →

बुद्ध की सारी जीवन-प्रक्रिया को एक शब्द में हम रख सकते हैं, वह है, अवेयरनेस, जागकर जीना

बुद्ध की सारी जीवन-प्रक्रिया को एक शब्द में हम रख सकते हैं, वह है, अप्रमाद, अवेयरनेस, जागकर जीना। जागकर जीने का क्या अर्थ होता है? अभी तुम रास्ते पर चलते Continue Reading →

रात्रि-भोजन का भगवान महावीर ने निषेध क्यों किया – ओशो

भोजन का मनोविज्ञानं || रात्रि-भोजन का भगवान महावीर ने निषेध क्यों किया || सूर्योदय के साथ ही जीवन फैलता है। सुबह होती है, सोये हुए पक्षी जग जाते है, सोये Continue Reading →

अगर श्वेत कुष्ठ अधिक दिनों का पुराना हो तो यह प्रयोग आजमाये . . . . . .

  श्वेत कुष्ठ या सफेद दाग त्वचा से संबंधित रोग है। कुछ लोग इसे कुष्ठ रोग भी मानते है। जबकि यह अवधारण गलत है। दुनियाभर में सफेद दाग से करीब Continue Reading →

इंद्र जौ के फ़ायदे जान दंग रह जाएँगे आप ……

इन्द्रजौ का पौधा एक जंगली पौधा होता है। इसका पौधा 5-10 फुट ऊंचा होता है। इसके पत्ते बादाम के पत्तों की तरह लंबे होते हैं। महाराष्ट्र के कोंकण में इन पत्तों का Continue Reading →

जैसे जैसे सपने विदा होंगे, तुम सत्य में प्रवेश करने में ज्यादा समर्थ हो सकोगे ……….

_सपने परिपूरक हैं….._ ….. और मनसविद कहते हैं कि मनुष्य जैसा है, सपनों के बिना उसका जीना कठिन होगा। और वे एक अर्थ में सही हैं। जैसा मनुष्य है, सपनों Continue Reading →

तुम जितने आनंदित होते जाओगे अनायास तुम दूसरों को भी आनंद देने में सफल होने लगोगे, समर्थ होने लगोगे ……

“___ जितना हो सके लोगो को सुख दो ___” एक गांव में ठहरा हुआ था। उस रात उस गांव में एक बड़ी अनूठी घटना घट गयी, फिर मैं उसे भूल Continue Reading →

वो सबसे धनवान है जो कम से कम में संतुष्ट है , क्योंकि संतुष्टि प्रकृति कि दौलत है – सुकरात

सुकरात के सूत्र एक ईमानदार आदमी हमेशा एक बच्चा होता है। जहाँ तक मेरा सवाल है , मैं बस इतना जानता हूँ कि मैं कुछ नहीं जानता। हर व्यक्ति की Continue Reading →