संसार के लिए भी एक चीज जरूरी है-मूर्च्छा, बेहोशी – – – – –

ये संसार क्या है….??? Post by : Bobby ji पुरानी कथा है। एक युवा संन्यासी ने अपने गुरु को पूछा, यह संसार है क्या? गुरु ने कहा, तू ऐसा कर, Continue Reading →

अंधकार पर किया जानेवाला ध्‍यान तुम्‍हारे सारे पागलपन को पी जायेगा।

सिर्फ जापन में इस दिशा में इस कुछ प्रयास किया है। वे अपने पागल लोगों के साथ बिलकुल भिन्‍न व्‍यवहार करते है। यदि कोई व्‍यक्‍ति पागल हो जाता है विक्षिप्‍त Continue Reading →

प्रसन्‍नता जीवन का स्‍वभाव है

एक सादगी भरा व्‍यक्‍ति जान लेता है कि प्रसन्‍नता जीवन का स्‍वभाव है प्रसन्‍न रहने के लिए किन्‍हीं कारणों की जरूरत नहीं होती। बस तुम प्रसन्‍न रह सकते हो। केवल Continue Reading →

बिना किए करना इस जगत का सबसे रहस्यपूर्ण सूत्र है ……..

“वु वेई’ का अर्थ होता है, बिना किए करना। यह जगत का सबसे रहस्यपूर्ण सूत्र है। ज्ञानी कुछ करता नहीं, होता है। ज्ञानी बिना किए करता है। और लाओत्से कहता Continue Reading →

प्रेम ध्यान ही दे सकता है। क्योंकि उससे बड़ा देने योग्य कुछ भी नहीं। ओशो

एक बौद्ध भिक्षु रास्ते से गुजर रहा है। सुंदर है।एक वेश्या ने उसे रास्ते से गुजरते देखा। और उन दिनों वेश्या बड़ी बहुमूल्य बात थी। इस मुल्क में उन दिनों Continue Reading →

पूरी खुली आंखों से चित्त का दर्शन ही जीवन की साधना है ………

🔴बहुत पुरानी कथा है, तीन ऋषि थे, उनकी बहुत ख्याति थी। लोक-लोकांतर में उनका यश पहुंच गया था। इंद्र पीड़ित हो गया था उनके यश को देख कर। और इंद्र Continue Reading →

आपकी आदतों को ही ग्रंथि कहा गया है, जो जीवन को जकड़ लेती हैं ……….

ग्रंथि कल आपने कहा कि आदतों को ही ग्रंथि कहा गया है, जो जीवन को जकड़ लेती हैं; क्या आदत और आदत में भेद नहीं? वैसे तो चलने से लेकर Continue Reading →

सौ में से निन्यानबे प्रतिशत गुरु नकली हैं – ओशो

सौ में से निन्यानबे प्रतिशत गुरु नकली हैं – ओशो आपके द्वारा की गई साईबाबा कृष्णमूर्ति और अमरीकी गुरुको की आलोचना से निंदा न करने का आपका दावा खंडित मालूम Continue Reading →

स्वर्ग और नर्क तुम्हारी ही भाव-दशाएं हैं और तुम ही निर्माता हो ………..

एक झेन फकीर था नान—इन। उसके पास एक आदमी मिलने आया। वह बड़े क्रोध में था। घर में कुछ झगड़ा  हो गया होगा पत्नी से। क्रोध में चला आया। आकर Continue Reading →