Addiction व्यसन




दिल में दर्द है तो एडिक्सन संभावित है – सब्सटेन्स का हो या फिर पावर या प्रॉफ़िट का। लेकिन सब्सटेन्स एडिक्सन दूसरों को उतना नुकसान नहीं पहुंचाता है।

अल्कोहलिज़्म वर्कोहलिज़्म से कम से कम खतरनाक है। अल्कोहलिक्स अपने आप को तबाह कर रहे हैं, वर्कोहलिक्स सारी दुनिया को।

एक चिलम पीता हुआ साधू राजनीति या धंधे में उतरे सन्यासी से कम खतरनाक है।

एडिक्सन में उतरने से बेहतर है पता करें ‘दिले नादां तुझे हुआ क्या है?’

Substance-Addition v/s Addiction-to-Power-or-Profit

  1. साभार : Deepak Gupta

 




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