प्रतिक्रमण बहुत उपयोगी है, खासकर उनके लिए जिन्हें अनिद्रा की तकलीफ हो

कुछ भी ध्यान बन सकता है – “नींद” प्रतिक्रमण – सजग नींद में प्रवेश करवाने वाली विधि। “रात में जब तुम सोने लगो, गहरी नींद में उतरने लगो तो पूरे Continue Reading →

निंदा का मनोविज्ञान – – – – –

*निंदा की कला* तुम ध्यान रखना, निंदा का एक मनोविज्ञान है। क्यों लोग निंदा पसंद करते हैं? तुम अगर किसी से कहो कि अ नाम का आदमी संत हो गया Continue Reading →

शांत मन स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छा होता है ….

मौन बैठने से बदल सकता है आपका जीवन अगर आप अपनी इच्छा से कुछ समय के लिए बोलना छोड़ दें, मौन धारण कर लें तो इससे आपको बहुत फायदे हो सकते Continue Reading →

प्यार का पुल

प्यार का पुल एक गाँव में दो भाई रहते थे. दोनों भाई साथ साथ खेती करते और प्रेम से रहते थे. अचानक एक दिन चालीस साल के साथ के बाद Continue Reading →

यह भी नहीं रहने वाला है – – – –

“आखिर यह भी तो नही रहेगा”🌹 एक फकीर अरब मे हज के लिए पैदल निकला। रात हो जाने पर एक गांव मे शाकिर नामक व्यक्ति के दरवाजे पर रूका। शाकिर Continue Reading →

ध्यान की विधियां मन के तादात्म्य के विरोध में हैं।

🍃🌷🍂_________________ *”शब्दो” से सावधान* *मन शब्दों का संग्रह मात्र है। और प्रत्येक व्यक्ति शब्दों से ग्रस्त है, शब्दों से दबा है। यही कारण है कि आत्म—ज्ञान ज्यादा से ज्यादा असंभव Continue Reading →

ध्यान के फायदे – – – – – –

🔴ध्यान के 100 लाभ ध्यान के कई फायदे हैं ध्यान शक्तिशाली है यहाँ लाभों की निश्चित सूची है जो ध्यान आपको प्रदान कर सकती है: शारीरिक लाभ: 1- यह ऑक्सीजन Continue Reading →

अंधकार पर किया जानेवाला ध्‍यान तुम्‍हारे सारे पागलपन को पी जायेगा।

सिर्फ जापन में इस दिशा में इस कुछ प्रयास किया है। वे अपने पागल लोगों के साथ बिलकुल भिन्‍न व्‍यवहार करते है। यदि कोई व्‍यक्‍ति पागल हो जाता है विक्षिप्‍त Continue Reading →

प्रसन्‍नता जीवन का स्‍वभाव है

एक सादगी भरा व्‍यक्‍ति जान लेता है कि प्रसन्‍नता जीवन का स्‍वभाव है प्रसन्‍न रहने के लिए किन्‍हीं कारणों की जरूरत नहीं होती। बस तुम प्रसन्‍न रह सकते हो। केवल Continue Reading →

स्वर्ग और नर्क तुम्हारी ही भाव-दशाएं हैं और तुम ही निर्माता हो ………..

एक झेन फकीर था नान—इन। उसके पास एक आदमी मिलने आया। वह बड़े क्रोध में था। घर में कुछ झगड़ा  हो गया होगा पत्नी से। क्रोध में चला आया। आकर Continue Reading →