प्रतिक्रमण बहुत उपयोगी है, खासकर उनके लिए जिन्हें अनिद्रा की तकलीफ हो

कुछ भी ध्यान बन सकता है – “नींद” प्रतिक्रमण – सजग नींद में प्रवेश करवाने वाली विधि। “रात में जब तुम सोने लगो, गहरी नींद में उतरने लगो तो पूरे Continue Reading →

शांत मन स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छा होता है ….

मौन बैठने से बदल सकता है आपका जीवन अगर आप अपनी इच्छा से कुछ समय के लिए बोलना छोड़ दें, मौन धारण कर लें तो इससे आपको बहुत फायदे हो सकते Continue Reading →

एंगर मैनेजमेंट anger management ☺

|| प्राणयोग || इसलिए जापान में वे बच्चों को घरों में सिखाते हैं। वह प्राणयोग का ही एक सूत्र है। वे बच्चों को यह नहीं कहते कि तुम क्रोध मत Continue Reading →

ध्यान की विधियां मन के तादात्म्य के विरोध में हैं।

🍃🌷🍂_________________ *”शब्दो” से सावधान* *मन शब्दों का संग्रह मात्र है। और प्रत्येक व्यक्ति शब्दों से ग्रस्त है, शब्दों से दबा है। यही कारण है कि आत्म—ज्ञान ज्यादा से ज्यादा असंभव Continue Reading →

ध्यान के फायदे – – – – – –

🔴ध्यान के 100 लाभ ध्यान के कई फायदे हैं ध्यान शक्तिशाली है यहाँ लाभों की निश्चित सूची है जो ध्यान आपको प्रदान कर सकती है: शारीरिक लाभ: 1- यह ऑक्सीजन Continue Reading →

अंधकार पर किया जानेवाला ध्‍यान तुम्‍हारे सारे पागलपन को पी जायेगा।

सिर्फ जापन में इस दिशा में इस कुछ प्रयास किया है। वे अपने पागल लोगों के साथ बिलकुल भिन्‍न व्‍यवहार करते है। यदि कोई व्‍यक्‍ति पागल हो जाता है विक्षिप्‍त Continue Reading →

प्रेम ध्यान ही दे सकता है। क्योंकि उससे बड़ा देने योग्य कुछ भी नहीं। ओशो

एक बौद्ध भिक्षु रास्ते से गुजर रहा है। सुंदर है।एक वेश्या ने उसे रास्ते से गुजरते देखा। और उन दिनों वेश्या बड़ी बहुमूल्य बात थी। इस मुल्क में उन दिनों Continue Reading →

आपकी आदतों को ही ग्रंथि कहा गया है, जो जीवन को जकड़ लेती हैं ……….

ग्रंथि कल आपने कहा कि आदतों को ही ग्रंथि कहा गया है, जो जीवन को जकड़ लेती हैं; क्या आदत और आदत में भेद नहीं? वैसे तो चलने से लेकर Continue Reading →

जीवन मे छोडने की बाते ही व्यर्थ है! क्या पकडना है उस पर बात होनी चाहिऐ !

भारत मे social media पर अधिकतर ये ही मैसेज ज्यादा बनते है ! x वस्तुऐ खानी और y नही खानी चाहिऐ ! ये केवल शाम को ही लेनी चाहिऐ!ये सुबह Continue Reading →

इतने विराट का आयोजन  जिस स्रोत से चल रहा है,  एक तुम्हारी छोटी सी जिंदगी उसके सहारे न चल सकेगी ?

तुम माँ के पेट में थे नौ महीने तक, कोई दुकान तो चलाते नहीं थे, फिर भी जिए। हाथ—पैर भी न थे कि भोजन कर लो, फिर भी जिए। श्वास Continue Reading →