ध्यान करने का मतलब है, एफर्ट, प्रयास—मन को बदलने का। और ध्यान में होने का मतलब है, मन को बदलने का प्रयास नहीं, चुपचाप अपने में सरक जाना।

एक मित्र ने पूछा है कि किया हुआ ध्यान करना और ध्यान में होना इसमें क्या फर्क है? — टू बी इन मेडिटेशन एंड टु डू मेडिटेशन( ध्यान करना और Continue Reading →

487 ईसा पूर्व वैशाख पूर्णिमा को बुद्ध निर्वाण हुआ। उसी वर्ष आषाढ़ में राजगृह के वैभार पर्वत की सप्‍तपर्णी गुहा में पांच सौ अर्हत एकत्र हुए और महास्‍थविर महाकाश्‍यप की अध्‍यक्षता में बुद्धवचनों का संगायन किया। यह प्रथम बौद्ध संगीति कहलाई।

बुद्धकालीन राजगृह में कभी एक वन और दो पर्वत हुआ करते थे। वन था वेणुवन। पर्वत थे वैभार और गृध्रकूट। राजगृह मगध महाजनपद की राजधानी था। बुद्धकालीन भारत के छह Continue Reading →

जैसे जैसे सपने विदा होंगे, तुम सत्य में प्रवेश करने में ज्यादा समर्थ हो सकोगे ……….

_सपने परिपूरक हैं….._ ….. और मनसविद कहते हैं कि मनुष्य जैसा है, सपनों के बिना उसका जीना कठिन होगा। और वे एक अर्थ में सही हैं। जैसा मनुष्य है, सपनों Continue Reading →

पर्यटकों को लुभाती हैं बराबर की ऐतिहासिक गुफाएं [ Barabar Caves, Bihar ]

पर्यटकों को लुभाती हैं बराबर की ऐतिहासिक गुफाएं जहानाबाद (नगर) : प्राकृतिक छटाओं से परिपूर्ण बराबर पहाड़ी पर्यटकों के लिए सर्वोत्तम स्थान है. यहां सालों भर पर्यटकों की भीड़ लगती Continue Reading →

कबीर साहेब क्यों हैं आज भी स्वीकृत और गौतम बुद्ध हो गए खारिज ? Kabir And Buddha

कबीर साहेब क्यों हैं आज भी स्वीकृत और गौतम बुद्ध हो गए खारिज? इस धरती पर “कबीर साहेब” एकमात्र ऐसे संत हुए जिन्होंने लाठी लेकर “हिंदू और मुसलमानों” के आडंबर Continue Reading →

पारसनाथ की पहाड़ियाँ – एक सघन इनर्जी फिल्ड / Parasnath – A Dence Energy Field

कुछ दिन तो गुजारो बुद्धा इनर्जी फिल्ड में …. पारसनाथ की पहाड़ियाँ पारसनाथ की पहाड़ियाँ या श्री सम्मेता जी, समुद्र के तल से 4480 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है। Continue Reading →

खजुराहो- यहां हुआ था तंत्र से सेक्स को आध्यात्मिक बनाने का प्रयास — ओशो

सागर.चंदेल राजाओं द्वारा बसाए गए खूबसूरज खजुराहो में मंदिर, स्थापत्य और वास्तुकला का रचनात्मक, अद्वितीय, भव्य, और शानदार सृजन है। यहां की शिल्पकला में धार्मिक छवियों के साथ परिवार, पाश्र्व, Continue Reading →

विपस्सना [ Vipassana ] कैसे की जाती है ?

विपस्सना मनुष्य-जाति के इतिहास का सर्वाधिक महत्वपूर्ण ध्यान-प्रयोग है। जितने व्यक्ति विपस्सना से बुद्धत्व को उपलब्ध हुए उतने किसी और विधि से कभी नहीं। विपस्सना अपूर्व है! विपस्सना शब्द का Continue Reading →